Dakshinavarti Shankh (दक्षिणावर्ती शंख)

दक्षिणावर्ती शंख को माँ अष्टलक्ष्मी का साक्षात् स्वरुप माना जाता है। सामान्य पूजन से लेकर विविध तंत्र प्रयोगों में इस शंख का उपयोग किया जाता है। तंत्र शास्त्र के अनुसार दक्षिणावर्ती शंख को विधि-विधान पूर्वक जल में रखने से कई प्रकार की बाधाएं शांत हो जाती है और भाग्य का दरवाजा खुल जाता है। साथ ही धन संबंधी समस्याएं भी समाप्त हो जाती हैं।

दीपावली, धन त्रयोदशी, होली, गुरु पुष्य योग या विजयादशमी पर पूर्ण विधान से विधिवत सिद्ध किये गए दक्षिणावर्ती शंख से आप निम्न लाभ उठा सकते हैं।

आर्थिक लाभ:

1) दक्षिणावर्ती शंख जहां भी रहता है, वहां धन की कोई कमी नहीं रहती।

2) दक्षिणावर्ती शंख को अन्न भण्डार में रखने से अन्न, धन भण्डार में रखने से धन, वस्त्र भण्डार में रखने से वस्त्र की कभी कमी नहीं होती।

3) इसमें जल भर भगवन विष्णु का अभिषेक करने से माता लक्ष्मी और भगवन विष्णु दोनों का अनुग्रह प्राप्त होता है और व्यक्ति हर क्षेत्र में सफलता के साथ समस्त भौतिक सुख और दैवीय कृपा पाता है।

4) इसमें दूध मिश्रित जल भर ऋण नाशन स्तोत्र का पाठ करते हुए भगवन शिव का अभिषेक करने से समस्त ऋणों का नाश अतिशीघ्र होता है।

 

परिवार में लाभ:

1) यदि पति- पत्नी में लगातार मन मुटाव या झगडा होता हो तो शयन कक्ष में इसे श्वेत वस्त्र में लपेट कर शुद्ध स्थान में रखने से दोनों के मन और घर में शांति रहती है।

2) प्रत्येक पूर्णिमा पर और ज़रूरत पड़ने पर कभी भी इसमें रात्रि में शुद्ध जल भरकर घर के प्रत्येक व्यक्ति, वस्तु, स्थान पर छिड़कने से दुर्भाग्य, अभिशाप, तंत्र-मंत्र आदि का प्रभाव समाप्त हो जाता है।

3) किसी भी प्रकार के टोने-टोटके इस शंख के आगे निष्फल हो जाते हैं।

4) प्रातःकाल इसके दर्शन कर कार्य में निकलने से सफलता मिलती है और मन शांत रहता है।

 व्यापार में लाभ:

1) विधिवत सिद्ध दक्षिणावर्ती शंख को व्यापारिक संसथान में स्थापित करने से ग्राहकों की कभी कमी नहीं होती और व्यापार दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करता है।

2) इसमें रात्रि में गंगाजल मिश्रित दूध भर कर सुबह व्यापारिक प्रतिष्ठान में बाहर से भीतर की ओर छिड़कते हुए जाने से धंधे को किसी भी पडोसी या प्रतिद्वंदी की नज़र नहीं लगती, किसी भी प्रकार का तंत्र मंत्र द्वारा किया गया व्यापार बंध निष्फल हो जाता है।

 

संतान लाभ:

1) इसमें रात्रि में दूध भर कर प्रातः बंध्या स्त्री को स्नान व आचमन कराने से वो पुत्रवती होती है।

2) इसमें पंचामृत भरकर श्री कृष्ण या लड्डू गोपाल को संतान गोपाल मंत्र का पाठ करते हुए स्नान करा उस पंचामृत के सेवन से शीघ्र ही संतान प्राप्ति होती है और सभी ऐश्वर्य भी मिलते हैं।

स्वास्थ्य लाभ:

1) इसमें रात्रि में जल भरकर प्रातः काल पीने से ह्रदय, श्वास, मस्तिष्क रोगों और अवसाद में अभूतपूर्व लाभ होता है।

2)  जो बच्चे कम बोलते हैं अटकते तुतलाते या हकलाते हैं उन्हें छः मास तक इसमें रात्रि में जल भर प्रातः पिलाने से सभी वाणी विकार दूर होते हैं।

3) जिन लोगों को बार बार भयंकर सर्दी जुकाम कफ होता है और इस कारन आंखे कमजोर व बाल सफ़ेद हो गए हों यदि वे इसमें जल भरकर उसमे पांच मुखी रुद्राक्ष का एक दाना डाल कर सुबह सेवन करें तो उनकी इस समस्या का निवारण होगा।

4) छोटे बच्चो को इसमें दूध भरकर तुलसी डालकर सेवन कराने से उनकी अधिकतर रोग और व्याधियां दूर भाग जाती हैं।

5) दांत निकलते समय इसमें रखा जल या दूध पिलाने से दांत बिना किसी कष्ट आराम से निकल आते हैं।

6) जिन लोगों को गर्मी अधिक लगती है उन्हें इसमें रखे जल का सेवन करना चाहिए।

7) विभिन्न स्त्री पुरुष समस्याओं का निवारण इसमें रखे जल और दूध पीने से स्वयं ही हो जाता है।

 

मित्रों, दक्षिणावर्ती शंख के लाभों को एक छोटे से लेख में समेट पाना अत्यंत दुष्कर है फिर भी एक छोटा सा प्रयास किया है की आप को इसके लाभ ज्ञात हों।

 

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